1.1 जीवन-पद्धति के रूप में इस्लाम
1.1 Islam as a Way of Life
इस्लाम वह अंतिम और सम्पूर्ण जीवन-नियम (blueprint) है जो अल्लाह (سبحانه وتعالى) ने मुहम्मद ﷺ पर उतारा, जो पूरी मानवजाति के लिए अंतिम और आख़िरी रसूल हैं। अतः ब्रह्मांड के रचयिता द्वारा मानवजाति के लिए निर्धारित जीवन-पद्धति केवल इस्लाम ही है। अल्लाह (سبحانه وتعالى) फ़रमाता है: "और जो शख़्स इस्लाम के सिवा कोई और दीन चाहेगा, तो वह उससे हरगिज़ क़बूल न किया जाएगा और आख़िरत में वह घाटा उठाने वालों में होगा।" [सूरह आले इमरान 3:85] "ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो जैसा कि उससे डरने का हक़ है, और तुम्हें मौत न आए मगर इस हाल में कि तुम मुसलमान हो।" [सूरह आले इमरान 3:102] इस्लामी अक़ीदा मुसलमानों का अक़ीदा (आस्था-सिद्धांत) है, जिसकी बुनियाद इस समझ पर है कि अल्लाह (سبحانه وتعالى) ही एकमात्र पूज्य है और मुहम्मद ﷺ अल्लाह के अंतिम रसूल हैं। यह मनुष्य की सबसे बड़ी समस्या का उत्तर देता है, अर्थात जीवन का स्रोत और उद्देश्य क्या है, और यह उसे मार्गदर्शन करता है कि उसे किस चीज़ पर ईमान रखना चाहिए और किस पर नहीं। साथ ही, इस्लामी अक़ीदा वह प्रेरक शक्ति है जिससे जीवन के मामलों को संचालित करने वाले नियम और क़ानून निकलते हैं। इस्लामी विश्वास को अमूर्त, सैद्धांतिक नियमों और विनियमों का समूह नहीं समझना चाहिए जिनका जीवन से कोई संबंध न हो। इसके बजाय, इस्लामी विश्वास को सही रूप में इस प्रकार समझना चाहिए कि यह एक ऐसा अक़ीदा है जिस पर ईमान लाना आवश्यक है और जिसके नियम और क़ानून जीवन के मामलों में लागू किए जाने चाहिए।