7.2 स्वतंत्रता की धारणा का खंडन
7.2 Refuting the Thought of Freedom
मानवता के लिए स्वतंत्रता की मूल अवधारणा यह है कि वह दासता या गुलामी के विपरीत है। यही इस शब्द का वास्तविक अर्थ है, जो मानव जाति की भाषाई विरासत में तब से उल्लिखित है जब से इस शब्द का पहली बार प्रयोग हुआ। फिर समय के साथ इसका अर्थ-विस्तार अन्य विषयों तक हुआ। इसलिए इस शब्द का प्रयोग रूपक के रूप में उन अर्थों को व्यक्त करने के लिए किया गया जो राष्ट्रों की भाषाओं, संस्कृतियों और सभ्यताओं के अनुसार गुलामी की विरोधाभासी स्थिति को अभिव्यक्त करते हैं।
The original concept of freedom for all of humankind is that it is the opposite to slavery or enslavement. This is the real meaning of the term that has been mentioned in the linguistic heritage of humankind, since the term was first used. Then, over time, its connotation extended to other matters. So the term was used to express metaphorical meanings that express the paradox state of slavery according to the languages, cultures and civilizations of the nations.
पश्चिम के शब्दकोशों में "freedom" (आज़ादी/स्वतंत्रता) शब्द का अर्थ गुलामी के विपरीत दिया गया है। Jacqueline Russ अपनी पुस्तक Methods in Philosophy (फ़्रेंच: Les methodes en philosophie) में कहती हैं: "स्वतंत्रता (liberté) शब्द से संबंधित सूची और भी अधिक महत्वपूर्ण और समृद्ध है: निर्भरता, गुलामी, दासता, अधीनता, बाध्यता, रुकावट, उत्पीड़न, नियतिवाद, भाग्य, भाग्यवाद आदि, ये सब वे शब्द या अवधारणाएँ हैं जिन्हें परिभाषित किया जाना है।" (फ़्रेंच: La liste concernant le terme liberte est encore plus significative et plus riche: dependance, esclavage, servitude, assujettissement, contrainte, entrave, oppression, determinisme, destin, fatalite, etc., sont autant de termes ou concepts a cerner)। इसका अर्थ बाहरी बाधाओं की अनुपस्थिति है। पश्चिम के लोगों ने इसमें वह अर्थ देखा है जो किसी चुनाव या कार्य पर बाध्यता, आवश्यकता या ज़बरदस्ती की अनुपस्थिति को दर्शाता है। पश्चिमी लोगों के बीच यह स्वतंत्रता और संप्रभुता (sovereignty) के अर्थ में भी प्रयुक्त होता है। अतः एक स्वतंत्र व्यक्ति वह है जो बाहरी बाधाओं या उसके बाहर से आने वाली ज़बरदस्ती की शक्ति के अधीन नहीं है। वह किसी स्वामी का अनुसरण नहीं करता।